होली ( भारत माता को समर्पित )

होली ( भारत माता को समर्पित )
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एक रंग है लहू का जिस से
खेलूंगा मै होली ..
रंग दूंगा तेरी चुनरिया
धोती ,कुरता ,चोली ।
अब के बरस तू सोलह की
मै अठराह का हो जाऊँगा
रंग खेलने ,रंग लगाने
यारों के संग आऊंगा ।
केसरिया चोली को तेरी
पीला रंग लगाऊंगा
हरे रंग की तेरी चुनरिया
नीले रंग ,रंग जाऊँगा
और श्वेत जो है तेरा कुरता
उसको तो पूरा रंगना है ।
सफ़ेद रंग में देख के तुझपर
दुनिया नज़रें रखती है
ओरों की क्या बात करूं
अपनों की नीयत खलती है ।
उस कुरते को लाल लहू से
पूरा लाल बना दूंगा
निचे से ऊपर तक तुझ पे
अपना रंग लगा दूंगा ।
जय हिन्द ,जय भारत माता
सुनील राणा

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