- Kuch dil se by sunil rana


  
परछाई आपकी मन के इस दर्पण मे है
जीत सच्ची प्रीत की केवल बस अर्पण मे है ।
भूले तो भूले कैसे मन आपको
मेरा तो सुख राधे आपके समर्पण मे है ।

Sunil Rana ( 19 April 2013 )


 


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