Kabhi juda rahe kabhi saath rahe ( emotional shayari ) - Kuch dil se by sunil rana

Kabhi juda rahe kabhi saath rahe ( emotional shayari )

कभी जुदा रहे, कभी साथ रहे
कभी प्यार रहा 
कभी प्यार नहीं 
कैसे ये तेरे जज़्बात रहे ? 

कभी हाल-ए-दिल 
मै कह ना सका 
कभी कहता रहा 
तूने सुना नहीं 

कभी हँस कर दिल का 
दर्द पिया 
कभी रोकर
बिरहा के आंसू 
मै जिन्दा रहा 
पर जिया नहीं ।

Kabhi-juda-rahe-kabhi-saath-rahe-emotional-shayari


तू पास नहीं है 
बरसों से
कोई आस नहीं है 
बरसों से 
लेकिन फिर भी यूँ लगता है
तू खफा है बस 
कल -परसों से | 

तू रूठी है 
मन जाएगी
फिर बाहों में 
आ जायेगी
ये बात अलग है 
मेरी किस्मत में
फिर सावन की वो 
बरसात नहीं ।

 

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