Poem for children - बाल कविता बरखा
जनवरी 02, 2020
घुमड़ -घुमड़ कर बादल आए अपने संग -संग बरखा लाए कड़क रही है बिजली रानी रिमझिम -रिमझिम बरसा पानी आओ पिंकी , मुन्नी आओ पानी मे सब द...
Ghazal for every true indian ... हर एक बात पर बात मज़हब की अच्छी नहीं लगती । घरों में मोहब्बत अच्छी लगती है सियासत अच्छी नहीं लगती ...