वो तेरी याद जो मेरे सीने से कहीं
धुंवा बन के उठा करती है
वो तेरा प्यार जो मेरी आँखों से
शबनम बन के बहा करता है
वो मेरा दर्द, वो मेरे ग़म
सब परछाइयां तेरी ही हैं
मै अगर तन्हा हूँ तो ये
तन्हाइयां तेरी ही हैं.......
Sunil Rana ( 12 fab 2013 )
धुंवा बन के उठा करती है
वो तेरा प्यार जो मेरी आँखों से
शबनम बन के बहा करता है
वो मेरा दर्द, वो मेरे ग़म
सब परछाइयां तेरी ही हैं
मै अगर तन्हा हूँ तो ये
तन्हाइयां तेरी ही हैं.......
Sunil Rana ( 12 fab 2013 )

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