Kuch dil se by sunil rana : sad
sad लेबलों वाले संदेश दिखाए जा रहे हैं. सभी संदेश दिखाएं
sad लेबलों वाले संदेश दिखाए जा रहे हैं. सभी संदेश दिखाएं
मई 09, 2013
मेरी  ज़ुबां ने तो दर्द में कभी आह तक नही भरी लकिन मेरी खामोशियाँ ही मेरा हाल-ए -दिल कहती चली गयी । मै उसको याद करके कभी रोया भी नही हूँ...
मार्च 16, 2013
मै होंसला करता अगर वो देख भर लेते मुझे पर मै सोचता ही रह गया और वो सर झुका के चले गए | Mai hosla karta agar vo daikh bhar lete mujhe ...
मार्च 16, 2013
एक ज़माना हो गया है, तुझे देखे हुए मुझको मेरी इस बेज़ार हालत पर तरस आता नहीं तुझको कहाँ है तू और कैसी है तू ,यही बस सोच सोच कर ना जीता ...
मार्च 16, 2013
वो तेरी याद जो मेरे सीने से कहीं धुंवा बन के उठा करती है वो तेरा प्यार जो मेरी आँखों से शबनम बन के बहा करता है वो मेरा दर्द , वो मेरे...
मार्च 16, 2013
हमसे तर्क -ए- तआल्लूक का जिक्र ना करना कभी गैरों की महफ़िल में  हमने तुम्हारी बेवफाई को ज़माने से छिपा रक्खा है  हमने तो दिया जब भी तुम्हे ...

dard bhari shayari hindi

मार्च 11, 2013
हमको अंधेरों से कुछ मोहब्बत सी है रोशनी को जब ये खबर हो गयी वो आई नहीं फिर कभी मेरे घर ज़िन्दगी अंधेरों में बसर हो गयी | Humko andhero se...

hasraton

मार्च 11, 2013
क्या -क्या ख्वाब देखे थे मैंने इश्क में मगर उस बेवफा ने मेरी हसरतों का जनाजा उठा दिया , कोई खेल था जैसे, मै खेलने की चीज़ था खिलौना मुझक...

Khushi

मार्च 07, 2013
हमे आरज़ू तो थी खुशियों की मगर हमे खुशियाँ भी मिली तो  आंसुओं में लिपटे हुए मिली | hume aarzoo to thee  khushiyon k i magar hume k...

Dard

मार्च 06, 2013
अश्क बन के ढला हूँ किसी निगाह से मै या दर्द बन के चला हूँ किसी की आह से मै ज़माने भर मे कोई मुझसा बदनसीब नही के हर दिल से रहा दूर किसी वजा...
Blogger द्वारा संचालित.