मेरी ज़ुबां ने तो दर्द में कभी आह तक नही भरी लकिन मेरी खामोशियाँ ही मेरा हाल-ए -दिल कहती चली गयी । मै उसको याद करके कभी रोया भी नही हूँ लकिन वो इन आँखों से पानी बनकर बहती चली गई ॥ सुनील राणा ( 9th may 2013 )
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