shikayat par shayari ( शिकायत ) - Kuch dil se by sunil rana

shikayat par shayari ( शिकायत )

Mai karoon shikva 
mohabbat mein
Munasib ye nahin
Isiliye mai dard sare
Botal mein milakar
pee gaya..

मै करूँ शिकवा मोहब्बत में
मुनासिब ये नहीं
इसलिए मै दर्द सारे
बोतल में मिलाकर पी गया |



Photo: मै करूँ शिकवा,मोहब्बत में 
मुनासिब ये नहीं 
इसलिए मै दर्द सारे 
बोतल में मिलाकर पी गया |

सुनील राणा  ( 20 fab 2013 )
 

किसी की बेवफाई की टीस दिल से नही दिमाग से उठती है, सोचो तो एक जलजला और न सोचो तो कुछ भी नही | जो आपके साथ नही, वो आपके लायक भी नही इसलिए बेहतर है ऐसे इंसान को भूलकर ज़िन्दगी को आगे बढ़ाया जाए |                                                                                              : -  सुनील राणा 

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