Kuch dil se by sunil rana : 2 liner
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सितंबर 09, 2013
विरसे मे मिली हैं उन्हें अपनों से रंजिशें हम एक आशियाँ बसाते हैं ,वो कई घर जला जाते हैं। Virse me mili hain unhen apno se ranjishen ...
मार्च 16, 2013
मै होंसला करता अगर वो देख भर लेते मुझे पर मै सोचता ही रह गया और वो सर झुका के चले गए | Mai hosla karta agar vo daikh bhar lete mujhe ...
मार्च 16, 2013
एक ज़माना हो गया है, तुझे देखे हुए मुझको मेरी इस बेज़ार हालत पर तरस आता नहीं तुझको कहाँ है तू और कैसी है तू ,यही बस सोच सोच कर ना जीता ...
मार्च 16, 2013
मै तो बढ़ रहा था कदम -कदम मेरी मंजिलें थी सामने मै भटक गया क्यूँ रास्ता मेरे हमकदम से पूछिए वो जो हमसफ़र मेरे साथ था वो जो रहनुमा मेरे स...
मार्च 16, 2013
 इस जहाँ में तुझसे बढ़कर लोग पशेमा हैं सुनील  जिनके सर पर कोई हाथ नही ,उनसे बेहतर तेरे हालात हैं ।   Is jahan me tujhse badhkar log p...
मार्च 16, 2013
हमसे तर्क -ए- तआल्लूक का जिक्र ना करना कभी गैरों की महफ़िल में  हमने तुम्हारी बेवफाई को ज़माने से छिपा रक्खा है  हमने तो दिया जब भी तुम्हे ...

dard bhari shayari hindi

मार्च 11, 2013
हमको अंधेरों से कुछ मोहब्बत सी है रोशनी को जब ये खबर हो गयी वो आई नहीं फिर कभी मेरे घर ज़िन्दगी अंधेरों में बसर हो गयी | Humko andhero se...
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