Kuch dil se by sunil rana : sad
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मई 09, 2013
मेरी  ज़ुबां ने तो दर्द में कभी आह तक नही भरी लकिन मेरी खामोशियाँ ही मेरा हाल-ए -दिल कहती चली गयी । मै उसको याद करके कभी रोया भी नही हूँ...
मार्च 16, 2013
मै होंसला करता अगर वो देख भर लेते मुझे पर मै सोचता ही रह गया और वो सर झुका के चले गए | Mai hosla karta agar vo daikh bhar lete mujhe ...
मार्च 16, 2013
एक ज़माना हो गया है, तुझे देखे हुए मुझको मेरी इस बेज़ार हालत पर तरस आता नहीं तुझको कहाँ है तू और कैसी है तू ,यही बस सोच सोच कर ना जीता ...
मार्च 16, 2013
वो तेरी याद जो मेरे सीने से कहीं धुंवा बन के उठा करती है वो तेरा प्यार जो मेरी आँखों से शबनम बन के बहा करता है वो मेरा दर्द , वो मेरे...
मार्च 16, 2013
हमसे तर्क -ए- तआल्लूक का जिक्र ना करना कभी गैरों की महफ़िल में  हमने तुम्हारी बेवफाई को ज़माने से छिपा रक्खा है  हमने तो दिया जब भी तुम्हे ...
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